क्या सेक्स के कारण वज़न बढ़ता है?

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शादी के बाद अक्सर लोगों का वज़न बढ़ जाता है. आपने भी शायद ध्यान दिया होगा कि शादी के 3 से 6 महीने के भीतर ही आपका भी थोड़ा वज़न बढ़ा था और दोस्तों ने इसका कारण सेक्स बताया था. आपने उनकी बात पर विश्‍वास कर लिया था, लेकिन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए थे. तो इसके पीछे क्या है सही कारण और कौन है ज़िम्मेदार सेक्स या कुछ और आइए जानते हैं.
अगर आप सोचते हैं कि सेक्स के कारण वज़न बढ़ता है, तो यह बिल्कुल ग़लत है. यह एक बहुत बड़ा मिथक है. वज़न बढ़ने का सेक्स से कोई कनेक्शन नहीं है, पर आपके सेक्स हार्मोंस से है. सेक्स हार्मोंस में असंतुलन के कारण ही वज़न बढ़ता है. क्योंकि सेक्स अपने आप में एक बेहतरीन वर्कआउट है. इससे कैलोरीज़ बर्न होती हैं, इसलिए इसका आपके वज़न बढ़ने से कोई संबंध नहीं.
क्यों असंतुलित होते हैं हार्मोंस?

हार्मोंस के असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- जेनेटिक्स, स्ट्रेस, डायट, लाइफस्टाइल, अन्य हार्मोंस आदि. सेक्स हार्मोंस एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरॉन, टेस्टोस्टेरॉन और डीएचइए आदि. इइके अलावा महिलाओं में बढ़ते वज़न का कारण पीसीओडी या प्रीमैच्योर पेरीमेनोपॉज़ भी हो सकता है.
जानें सेक्स हार्मोंस के बारे में

डीएचइए: यह एक ऐसा हार्मोन है, जो महिलाओं व पुरुषों के सेक्स हार्मोंस के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है. इसकी कमी के कारण भी वज़न बढ़ता है.

एस्ट्रोजन: महिलाओं की ओवरीज़ और एड्रेनल ग्लैंड से मिलनेवाले इस हार्मोन के कारण भी महिलाओं का वज़न बढ़ता है.

प्रोजेस्टेरॉन: यह भी एस्ट्रोजन की तरह ही काम करता है. महिलाओं की सेक्सुअल मैच्योरिटी को बढ़ाने के साथ ही यह प्रेग्नेंसी के लिए महिलाओं के शरीर को मज़बूत बनाता है. अगर शरीर में प्रोजेस्टेरॉन की कमी है, तो एस्ट्रोजन अनियंत्रित हो जाता है, जिसके कारण वज़न बढ़ना है.

हार्मोंस असंतुलित होेने के लक्षण

– कमर और जांघों के पास फैट्स जमा होना
– पीरियड्स की डेट का आगे-पीछे होना
– हॉॅट फ्लैशेज़
– वेजाइना का ड्राई होना
– नींद न आना
– मूड स्विंग्स
– सेक्स ड्राइव में कमी आना
– एंज़ायटी या डिप्रेशन
लाइफस्टाइल में बदलाव

शादी के बाद अक्सर लोग कंफर्ट ज़ोन में चले जाते हैं और फिटनेस को पीछे छोड़ देते हैं, जिसके कारण भी उनका वज़न बढ़ता है. साथ ही शादी के शुरुआती दिनों में कपल्स काफ़ी घूमते-फिरते और बाहर खाते हैं, जिसके कारण भी वज़न बढ़ता है.
क्या करें?

हार्मोंस संतुलित रहें, उसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. स्ट्रेस, एंज़ायटी और डिप्रेशन से बचने की कोशिश करें. जंक फूड और तला-भुना हुआ खाना अवॉइड करें.