वैज्ञानिकों का दावा- शराब छुड़ाती है ये दवा

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भारत में शराब पीने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है और एक अनुमान के मुताबिक, इस न्यू ईयर पर तो पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए थे। शराब सिर्फ आपके स्वास्थ्य को ही खराब नहीं करती, बल्कि अपराध और घरेलू हिंसा को भी बढ़ावा देती है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि अधिकतर लोग चाहकर भी शराब की लत नहीं छोड़ पाते हैं।
मगर अब ऐसे लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। कई शोधकर्ताओं को एक अध्ययन के दौरान शराब की लत छुड़ाने वाली असरदार दवा मिल गई है। इस दवा की खासियत यह है कि शराबी अपने आप ही इस गंदी आदत को छोड़ने के लिए मजबूर हो जाता है।
कहां और किसने किया अध्ययन?
इस दवा से छूट जाती है शराब की पुरानी लत
शोधकर्ताओं ने पाया कि एप्रेमिलास्ट दवा (Apremilast Drug) का सेवन करने पर शराब पीने का मन नहीं करता। यह स्टडी इंसानों से पहले जानवरों पर की गई थी, जिसके प्रभाव से सभी शोधकर्ता चकित रह गए। इस शोध को एल्कोहॉल यूज डिसऑर्डर के इलाज में मील का पत्थर माना जा रहा है।
किस बीमारी में काम आती है एप्रेमिलास्ट?
शोध के मुताबिक, एप्रेमिलास्ट एफडीए से प्रमाणित एंटी-इंफ्लामेटरी ड्रग है। जिसे सोरायसिस के इलाज (psoriasis treatment) में इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा सोरायसिस से होने वाली आर्थराइटिस को भी सही करने में मदद करती है। इस दवा से हैवी ड्रिंकर्स को लत से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।
कैसी करती है काम?
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह दवा nucleus accumbens की गतिविधि को बढ़ा देती है। यह दिमाग का वो हिस्सा होता है, जो शराब के सेवन को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए जो लोग शराब से छुटकारा पाना चाहते हैं, उनके लिए यह दवा काफी मददगार साबित हो सकती है।
कम पेग लगाता है व्यक्ति
जिन लोगों को शराब पीने की आदत पड़ जाती है, वो एक दिन में ना जाने कितने पेग पी जाते हैं। लेकिन शोध कहता है कि शराब छुड़ाने वाली ये मेडिसिन एल्कोहॉल की इच्छा को आधे से ज्यादा कम कर देती है। मतलब अगर कोई व्यक्ति एक दिन में 5 पेग लगाता है, तो वह दवा के इस्तेमाल के बाद 2 पेग तक कंट्रोल कर सकता है।
बच जाते हैं ये 5 अंग
शराब पीने से हमारे कई सारे अंग (alcohol effects on body) खराब हो जाते हैं, जिन्हें इस दवा से बचाया जा सकता है। NIAAA के अनुसार, एल्कोहॉल से दिमाग, दिल, लिवर, पैंक्रियाज, इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाते हैं और कई सारे कैंसर का खतरा भी बन जाता है।