एक साल के बच्‍चे को भी सिखाना चाहिए डिसिप्लिन

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Photo: Pexels

अपने इमोशंस को कंट्रोल करने या सही तरह से अपनी बात कहने के लिए एक साल का बच्‍चा बहुत छोटा होता है। बच्‍चे को नियम चाहे फिर भी समझ आ जाएं लेकिन वो उन्‍हें फॉलो कर पाए, इतना समझदार नहीं हुआ होता है। ऐसे में बच्‍चे अक्‍सर खुद को नुकसान पहुंचा बैठते हैं। बच्‍चे के स्‍वस्‍थ विकास को बढ़ावा देने के लिए पैरेंट्स को यह पता होना चाहिए कि वो किस तरह अपने एक साल के बच्‍चे को डिसिप्लिन कर सकते हैं। सकारात्मक अनुशासन एक बच्चे को एक दृढ़, दयालु बनाता है और इससे माता-पिता और बच्चे के बीच सम्मान और विश्वास बढ़ता है।

बेबी को किस उम्र से करें डिसिप्‍लिन:
ज्‍यादातर बच्‍चों को 6 और 11 महीने की उम्र तक ‘ना’ का मतलब समझ आ जाता है। हालांकि, इस उम्र तक वो सही और गलत या अच्‍छे और बुरे के बीच अंतर कर सकें, इतना उनका बौद्धिक विकास नहीं हुआ होता है। इसलिए बच्‍चे सही बिहेवियर के लिए अपने पैरेंट्स पर निर्भर करते हैं।
पैरेंट्स को अपने बच्‍चे की उम्र के हिसाब से कुछ बाउंड्री बनाकर रखनी चाहिए और खुद को कंट्रोल करने और जिम्‍मेदार बिहेवियर के लिए बच्‍चे का मार्गदर्शन करते रहना चाहिए। आप 6 महीने के शिशु को डिसिप्लिन करना शुरू कर सकते हैं लेकिन यहां डिसिप्लिन से मतलब बेबी को सेफ रहना सिखाना है ना कि इस उम्र में उसके बिहेवियर को सुधारना।

​सुरक्षित माहौल:
बेबी और टॉडलर छूने, गंध, टेस्‍ट और रोल करना सीख लेते हैं लेकिन ये कई बार उत्‍सुकता में कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो इन्‍हें ही नुकसान दे बैठता है। इसलिए अपने घर को चाइल्‍डप्रूफ बनाएं और उसके लिए हानिकारक सभी चीजों को दूर रखें।

​कुछ बाउंड्री बनाएं:
एक साल का बच्‍चा किसी से जानबूझकर बदतमीजी नहीं कर सकता है। अपनी दुनिया को जानने के लिए ही ये अपनी बाउंड्री से बाहर निकलते हैं। इसलिए कुछ गलत होने पर बच्‍चे को सजा देना सही नहीं है। इसकी बजाय आप कुछ स्‍पष्‍ट लिमिट बनाएं। बच्‍चे को याद दिलाते रहें कि उसे ऐसा नहीं करना है।