बालों को परमानेंट स्ट्रेट या कलर करवाने से पहले जान लें यह बात

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आज हर वर्ग की महिला फैशन के साथ चलना चाहती है, जिसके लिए वो हर वो तरीका अपनाती है जिससे वो आज की महिला लग सके इसमें ही बालों को परमानेंट स्ट्रेट (Hair Permanent straightening) और डाई (Hair Permanent Dye) करना भी शामिल है। इससे बाल बेशक बहुत ही सुन्दर दिखने लगते है, लेकिन महिलायें कहीं न कहीं इसके दुष्परिणाम से अनभिज्ञ हैं। क्या आपको पता है, ऐसा करने से महिलायें अनजाने में स्तन कैंसर (Breast Cancer) जैसी बड़ी बीमारी को अपने करीब बुला लेती हैं।

शोध से पता चला :

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा साल 2003 से 2009 तक अमेरिका भर में 46,709 से अधिक महिलाओं की बालों की देखभाल की आदतों का अध्ययन किया गया। किए गए इस अध्ययन से पता चला है कि, जो महिलाएं अपने बालों में परमानेंट हेयर डाई और केमिकल हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती हैं, उन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) विकसित होने का खतरा अधिक होता है। साथ ही शोधकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी से पता चला है कि, ये शोध अमेरिका की 46,709 महिलाओं में किया गया था, अध्ययन में परमानेंट हेयर डाई और केमिकल हेयर स्ट्रेटनर इस्तेमाल होने वाले पदार्थ स्तन कैंसर के उच्च जोखिम से जुड़े पाए गए।

किसमें कितना खतरा :

यह 46,709 महिलाओं पर किया गया। इस अध्ययन में सबसे पहले परमानेंट हेयर डाई का इस्तेमाल किया गया था, जो महिलाएं परमानेंट हेयर डाई का इस्तेमाल करती हैं उनमें स्तन कैंसर विकसित होने की संभावना इनका इस्तेमाल न करने वाली महिलाओं से 9% अधिक होती है। इसके बाद यह प्रयोग केमिकल हेयर स्ट्रेटनर पर किया तब पता चला कि, जो महिलाएं केमिकल हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती हैं उनमें स्तन कैंसर विकसित होने की संभावना 30% अधिक होती है।

महिलाओं ने बताया :

इस शोध में ऐसी महिलाओ को लिया गया था जिनके एक बहन को स्तन कैंसर हो। बात करने पर इस्तेमाल करने वाली 55% महिलाओं ने बताया कि, वो पिछले 12 महीने (1 साल) से इनका इस्तेमाल कर रही हैं। शोध से पता चला कि, महिलायें जो कम से कम साल में एक बार बालों में कलर करती है उनमे स्तन कैंसर विकसित होने का खतरा ज्यादा रहता है।

साल में कई बार इस्तेमाल करने वाली महिला :

शोध से यह भी पता चला कि, जो महिलाएं साल में कम से कम एक बार अपने बालों को कलर करती है, उन महिलाओं में स्तन कैंसर विकसित होने की संभावना इस्तेमाल न करने वाली महिलाओं से 45% अधिक होती है और जो महिलाएं हर पांच से आठ सप्ताह या अधिक बार कलर करती हैं उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना 60% अधिक थी।

अन्य अध्ययन :

अन्य अध्ययनों द्वारा पता चला कि, हेयर डाई में कैंसर पैदा करने वाला पोटेंशियल होता है और यह अंतःस्रावी-विघटनकारी केमिकल बॉडी में खून में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पूरे शरीर में फैलते हुए स्तन के ऊतकों तक पहुंच सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि, यह शोध केवल उन महिलाओं पर किया गया था, जिनकी एक बहन को पहले से ही स्तन कैंसर है।

उपाय :

यह पूछे जाने पर कि, क्या महिलाओं को अपने बालों को कलर या स्ट्रेट करना करना बंद करना चाहिए, सह-लेखक डेल सैंडलर का अध्ययनकर्ता ने कहा, “हमें कई चीजों से अवगत कराया जाता है जो संभवतः स्तन कैंसर में योगदान कर सकते हैं, और महिलाएं अपने बालों को स्ट्रेट या कलर करने के लिए बालों में ऐसे उत्पादों का उपयोग कर सकती हैं, जिनमें कोयला, टार, एक ज्ञात कैंसर कारक शामिल न हों।”